पोर्ट-ऑ-प्रिंस / जेनेवा: हैती में आपराधिक गिरोहों के बढ़ते आतंक से हालात लगातार बेकाबू होते जा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क के अनुसार, इस साल 11 सितंबर तक हुई हिंसा में 5,700 से अधिक लोग मारे गए या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके साथ ही, 1,000 से अधिक महिलाओं और बालिकाओं के साथ दुष्कर्म जैसी बर्बर घटनाओं को अंजाम दिया गया है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को संबोधित करते हुए वोल्कर तुर्क ने आगाह किया कि सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के बावजूद हिंसक गिरोह नए इलाकों में अपना कब्जा जमा रहे हैं और लगातार आधुनिक हथियारों से लैस हो रहे हैं।

सुरक्षा बल पड़े कमजोर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए यूएन मानवाधिकार प्रमुख ने बताया कि हैती की मदद के लिए गठित ‘गैंग सप्रेशन फोर्स’ (GSF) में जनशक्ति की भारी कमी है। सुरक्षा बल में 5,500 जवानों की तैनाती की योजना थी, लेकिन वर्तमान में महज 1,500 कर्मी ही मोर्चे पर तैनात हैं, जो इस गिरोह संकट से निपटने के लिए बेहद अपर्याप्त हैं।
सुरक्षा अभियानों में भी जा रही आम नागरिकों की जान रिपोर्ट में इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई गई है कि स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों और स्वघोषित ‘आत्मरक्षा समूहों’ की ओर से किए जा रहे अत्यधिक बल प्रयोग के कारण भी नागरिक हताहत हो रहे हैं। कुल मौतों और घायलों में से आधे से अधिक मामले सुरक्षा अभियानों, आवारा गोलियों और विस्फोटक ड्रोन हमलों के दौरान हुए हैं। इसके अलावा, स्थानीय आत्मरक्षा समूहों की हिंसा में अब तक लगभग 280 लोग जान गंवा चुके हैं या घायल हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि हैती में वास्तविक आंकड़े बताए गए आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकते हैं।
