
नई दिल्ली:
नए साल और नए दशक की शुरुआत के साथ ही भारतीय सेना के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। जनरल विपिन रावत ने औपचारिक रूप से भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप में पदभार संभाल लिया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए एक उत्कृष्ट और निष्ठावान सैन्य अधिकारी बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जनरल रावत ने हमेशा पूरी लगन और देशप्रेम के साथ राष्ट्र की सेवा की है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को एक नई दिशा और गति मिलेगी।
कारगिल युद्ध के बाद से हो रही थी मांग
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कारगिल युद्ध के दौरान देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उल्लेख किया कि 1999 के कारगिल युद्ध के बाद से ही सैन्य सुधारों और तीनों सेनाओं (थल सेना, नौसेना और वायुसेना) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए CDS पद के गठन की लगातार चर्चा चल रही थी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को लाल किले की प्राचीर से देश के सामने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के नए पद के सृजन का ऐलान किया था।
सैन्य बलों के आधुनिकीकरण पर रहेगा जोर
CDS का मुख्य दायित्व थल सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच बेहतर तालमेल बिठाना तथा देश की रक्षा प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए सैन्य संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना होगा। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह नया ढांचा देश के 130 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं पर खरा उतरेगा और भारतीय सैन्य शक्ति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
