देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) के राजस्व संग्रह में लगातार दूसरे महीने शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2019 के दौरान कुल जीएसटी संग्रह 1,03,184 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है।
दिसंबर 2018 में यह आंकड़ा 97,276 करोड़ रुपये था। वहीं, अगर घरेलू लेनदेन से प्राप्त राजस्व की बात करें, तो इसमें साल-दर-साल आधार पर 16 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है।

राजस्व का ब्योरा:
- केंद्रीय जीएसटी (CGST): 19,962 करोड़ रुपये
- राज्य जीएसटी (SGST): 26,792 करोड़ रुपये
- एकीकृत जीएसटी (IGST): 48,099 करोड़ रुपये (जिसमें आयात से एकत्रित 21,295 करोड़ रुपये शामिल हैं)
- उपकर (Cess): 8,331 करोड़ रुपये (जिसमें आयात पर लगा 847 करोड़ रुपये का शुल्क शामिल है)
गौरतलब है कि नवंबर 2019 में जीएसटी संग्रह 1,03,492 करोड़ रुपये रहा था। लगातार दूसरे महीने 1 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार होना अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। 1 जुलाई 2017 को लागू की गई इस अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में समय-समय पर दरों में संशोधन किया गया है, जिसका असर अब राजस्व में स्थिरता के रूप में देखा जा रहा है।
