अगर आपको भी लगता है कि सर्दी-जुकाम में बच्चे को दूध नहीं पिलाना चाहिए, क्योंकि इससे बलगम बढ़ जाता है, तो आपको पीडियाट्रिशियन डॉक्टर पवन मंदाविया की बात जरूर सुननी चाहिए।बीमारियों को लेकर लोगों के बीच अक्सर अलग-अलग भ्रम होते हैं। किसी मर्ज में कुछ न खाने की सलाह दी जाती है, तो किसी अन्य में कुछ और। इसी तरह, जब बच्चे को सर्दी-खांसी या जुकाम होता है, तो अक्सर माता-पिता मानते हैं कि इस वक्त बच्चे को दूध और दही मत खिलाना ठीक नहीं है। लेकिन क्या यह सच में सही है? चलिए जानते हैं पीडियाट्रिशियन डॉक्टर पवन मंदाविया से।
इंस्टाग्राम वीडियो में पीडियाट्रिशियन डॉक्टर पवन मंदाविया कहते हैं कि जब बच्चे को सर्दी-खांसी होती है, तो अक्सर माता-पिता कहते हैं कि उससे केला और दही मत खिलाओ, वरना यह बढ़ जाएगी। दूध मत पिलाओ, वरना कफ बढ़ जाएगा। साथ ही घी और खट्टे फलों से भी दूर रहने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या यह सच में सही है?एक्सपर्ट आगे बताते हैं कि केले में पोटेशियम, फाइबर, विटामिन C और विटामिन B6 होता है। यह बच्चे की इम्युनिटी बढ़ाता है और डाइजेशन में भी मदद करता है। अगर बच्चे को केले से एलर्जी नहीं है और यह रूम टेम्परेचर पर है, तो आप इसे अपने बच्चे को दे सकते हैं। डॉक्टर पवन आगे कहते हैं कि दही में बहुत ज्यादा कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन B12 होता है, जो बच्चे की सेहत के लिए अच्छा है। बस ध्यान रखें कि दही घर का बना हो और रूम टेम्परेचर का हो। इसे आप सुबह या दोपहर के समय दे सकते हैं।घी नुकसान नहीं बल्कि पहुंचाता है फायदा
इसी तरह, घी में विटामिन A, D, E और K होता है। यह बच्चे को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि फायदा करता है। इसलिए आप इसे खाने में एक चम्मच दे सकते हैं। इसके अलावा, दूध में विटामिन D, कैल्शियम और प्रोटीन होता है। सर्दी-खांसी में इसे देने से कफ नहीं बढ़ता, बस ध्यान रखें कि दूध ठंडा न हो।
डिस्कलेमर इस लेख में दी गई सूचना पूरी तरह इंस्टाग्राम रील पर आधारित है। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता की जिम्मेदारी नहीं लेता है। किसी भी जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
